📰 मीडिया की नज़र से: 23 जुलाई 2025 को हरिद्वार में काँवरियों का आस्था महाकुंभ
रिपोर्टर: [आपका नाम]
स्थान: हरिद्वार, उत्तराखंड
तारीख: 23 जुलाई 2025
🌅 हरिद्वार की सुबह: भगवा में रंगा शहर
जैसे ही सूरज की किरणें गंगा नदी पर पड़ीं, हरिद्वार भगवा रंग में नहाया दिखा। हर दिशा से “बोल बम” की गूंज और श्रद्धालुओं की भीड़ ने शहर को जीवंत बना दिया। यह केवल यात्रा नहीं, एक जन-आस्था का दृश्य था जिसे मीडिया के कैमरों ने बखूबी कैद किया।
📷 श्रद्धा के फ्रेम: दृश्य जो बोलते हैं
काँवरों की सजावट, गंगा में डुबकी लगाते भक्त, और भगवा लहराते समूह — हर तस्वीर में संवेदना और भक्ति दिखाई दी।
🎶 भक्ति का संगीत, DJ की धुन
हर जगह भक्ति गीत बज रहे थे — “हर हर महादेव”, “बम बम भोले” — जिन पर लोग झूमते, नाचते और भक्ति में डूबे दिखे। मीडिया के माइक में सिर्फ आवाज़ नहीं, एक सामूहिक ऊर्जा रिकॉर्ड हो रही थी।
🚨 प्रशासन की सतर्कता
सुरक्षा, चिकित्सा सहायता और ट्रैफिक नियंत्रण की व्यवस्थाएं प्रभावी रहीं। जगह-जगह जल सेवा, मेडिकल बूथ, CCTV निगरानी जैसे प्रबंध मीडिया कैमरों में स्पष्ट दिखे।
📹 लाइव कहानियाँ
मीडिया कवरेज में कई भावनात्मक क्षण सामने आए — जैसे बिहार से पैदल आए बुजुर्ग भक्त, माँ की मन्नत, बच्चों की टोली। ये सिर्फ खबरें नहीं, आस्था की झलकियाँ थीं।
🕉️ निष्कर्ष: आस्था का एस्थेटिक
“यह भारत की आत्मा बोल रही है — बोल बम!”
मीडिया के लिए यह दिन सिर्फ कवरेज नहीं, एक धार्मिक-सांस्कृतिक दस्तावेज़ बन गया, जिसमें हर फ्रेम एक कहानी कहता है।
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